21 जून, 2011

हिसार में भजन का 16वां होते ही बिछी उपचुनाव की बिसात

चंडीगढ़. 18 जून को चौ. भजनलाल का 16वां होते ही हिसार में लोकसभा उपचुनाव का बिगुल बज गया है। अब यहां के नेता व जनता लोकसभा में नया प्रतिनिधि भेजने पर मंथन करने लगे हैं। अब तक के हालात देखे जाएं तो मामला रोचक बना हुआ है।

सबसे पहले कुलदीप बिश्नोई की हजकां के कांग्रेस में विलय होने या न होने पर बड़ा सवाल है? उनको शोकसभा के दौरान न्यौता मिल चुका है। वे कांग्रेस में आते हैं तो स्थिति विपरीत होगी। वे पुरानी बात पर अड़िग रहे तो यहां कांग्रेस प्रत्याशी बनने की लंबी कतार है। इनमें चौधरी रणजीत सिंह, जयप्रकाश जेपी, प्रेमलता व जयसिंह बिश्नोई का नाम मुख्य रूप से चर्चा में है।

यहां मंत्री नहीं बनाने के कारण सावित्री जिंदल खेमे की अलग चर्चाएं हैं। वरिष्ठ नेता संपत सिंह के मन में भी कहीं न कहीं यह दर्द जरूर होगा? वहीं वे कांग्रेसी अभी से चिंतित हैं जो भजनलाल परिवार से उनके गढ़ में जूझते रहे हैं। इन हालातों पर मुख्यमंत्री हुड्डा को बड़ा मंथन करना होगा।

हालांकि हिसार, सिरसा, फतेहाबाद,भिवानी की बागड़ व कुछ हिस्सा बांगर कही जाने वाले बैल्ट में हुड्डा ने कड़ी मेहतन की है। कई रैलियों में विकास के लिए अरबों खर्च दिए। जनता इसका कितना कर्ज उतारती है,यह अलग बात है। फिलहाल विपक्ष भी हजकां के उलटफेर पर नजर टिकाए हुए है। भाजपा के राष्ट्रीय नेता कैप्टन अभिमन्यु स्वयं यहां से चुनाव लड़ सकते हैं।

इधर, प्रमुख विपक्षी दल इनेलो पूरी कूटनीति से चुनाव की तैयारी में है। इसी लोकसभा में आने वाले उचाना विधानसभा क्षेत्र से इनेलो सुप्रीमो एवं विपक्ष के नेता ओमप्रकाश चौटाला विधायक हैं। दल के प्रधान महासचिव अजय चौटाला यह दावा कर चुके हैं कि सबसे पहले प्रत्याशी घोषित करेंगे। वैसे यहां से सुरेन्द्र बरवाला, उमेद लोहान का नाम जनता ले रही है। वैसे इस उपचुनाव में मुद्दा भजनलाल परिवार के प्रति सहानुभूति व हुडडा का विकास रहेगा जबकि इनेलो भ्रष्टाचार व कानून व्यवस्था को आगे लाएगा।

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