चंडीगढ़। हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पांच विधायकों की विधानसभा सदस्यता खारिज करने की मांग याचिका पर शुक्रवार को सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया गोपाल सुब्रमणि यम की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में कहा गया कि विधानसभा स्पीकर जल्दी ही इस मामले का निपटारा कर देंगे। सॉलिसिटर जनरल की तरफ से इस बयान के बाद जस्टिस एमएम कुमार व जस्टिस टीपीएस मान की खंडपीठ ने उ मीद जताई कि मामले का यथासंभव शीघ्र निपटारा कर दिया जाएगा। खंडपीठ ने कहा कि बावजूद इसके यदि केस का निपटारा जल्दी नहीं होता तो याची कुलदीप बिश्नोई अदालत में इसके लिए अर्जी दायर कर सकते हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई दो जून के लिए स्थगित कर दी।
खंडपीठ ने इस दौरान एकल जज के उस फैसले पर भी रोक जारी रखी जिसमें विधानसभा स्पीकर को इस मामले का चार माह में निपटारा करने का निर्देश दिया गया था। अदालत में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हरियाणा विधानसभा स्पीकर मामले के निपटारे का यथासंभव शीघ्र प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ बिश्नोई के वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मु यमंत्री मायावती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों का निपटारा तीन सप्ताह में करने का निर्देश दिया था जबकि वर्तमान मामला तो लगभग डेढ़ साल से स्पीकर के समक्ष विचाराधीन है। हजकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई की तरफ से पांच विधायकों सतपाल सांगवान, विनोद भयाणा, नरेंद्र सिंह, जिले राम व धर्म सिंह के नवंबर 2009 में हजकां छोड़ कर सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को विधानसभा स्पीकर के समक्ष दल बदल कानून के तहत चुनौती देते हुए इन पांचों विधायकों की विधानसभा सदस्यता खारिज करने की मांग की है।
खंडपीठ ने इस दौरान एकल जज के उस फैसले पर भी रोक जारी रखी जिसमें विधानसभा स्पीकर को इस मामले का चार माह में निपटारा करने का निर्देश दिया गया था। अदालत में सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हरियाणा विधानसभा स्पीकर मामले के निपटारे का यथासंभव शीघ्र प्रयास कर रहे हैं। दूसरी तरफ बिश्नोई के वकील सत्यपाल जैन ने कहा कि उत्तर प्रदेश की मु यमंत्री मायावती के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों का निपटारा तीन सप्ताह में करने का निर्देश दिया था जबकि वर्तमान मामला तो लगभग डेढ़ साल से स्पीकर के समक्ष विचाराधीन है। हजकां के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई की तरफ से पांच विधायकों सतपाल सांगवान, विनोद भयाणा, नरेंद्र सिंह, जिले राम व धर्म सिंह के नवंबर 2009 में हजकां छोड़ कर सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने को विधानसभा स्पीकर के समक्ष दल बदल कानून के तहत चुनौती देते हुए इन पांचों विधायकों की विधानसभा सदस्यता खारिज करने की मांग की है।
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