पानीपत. हरियाणा जनहित कांग्रेस की प्रदेश कार्य समिति की विशेष बैठक सोमवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई। पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने की जबकि पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक व रामजीलाल विशेष रूप से उपस्थित हुए। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने को लेकर विचार-विमर्श किया गया तथा 11 सदस्यीय जनहित हाई पावर कमेटी का गठन किया गया। कमेटी कार्यकारिणी में 7 विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए।
प्रवक्ता ने बताया कि कमेटी सदस्यों में पार्टी अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई, धर्मपाल मलिक, रामजीलाल, जंगबीर सिंह, डॉ. धर्मबीर यादव, अमीरचंद मक्कड़, मूलाराम, सूबे सिंह पूनिया, पूर्व मंत्री जगन्नाथ की पत्नी धर्मो देवी, सरदार बाबा बूटा सिंह व डीएन त्यागी को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त जयभगवान शर्मा, बलकार सिंह, तेजपाल गर्ग, सुरेश शर्मा, निहाल सिंह मताना, दलबीर वाल्मीकि व राजबाला धानक को कमेटी का विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है।
चहेतों को फायदा दे रहे सीएम: बिश्नोई
हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने चहेतों को आर्थिक लाभ देने के लिए राज्य की परिवहन सेवा का भी निजीकरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले पहले भी प्रदेश भर के 900 रूटों के परमिट निजी बस संचालकों को जारी किए गए थे। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि अब राज्य सरकार 2700 और रूटों का भी निजीकरण करना चाहती है। ऐसा करने से एक तो प्रदेश के खजाने में राजस्व का घाटा होगा और वहीं दूसरी ओर प्रदेशवासियों को परिवहन सेवाओं की बदहाली झेलनी पड़ेगी।
प्रवक्ता ने बताया कि कमेटी सदस्यों में पार्टी अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई, धर्मपाल मलिक, रामजीलाल, जंगबीर सिंह, डॉ. धर्मबीर यादव, अमीरचंद मक्कड़, मूलाराम, सूबे सिंह पूनिया, पूर्व मंत्री जगन्नाथ की पत्नी धर्मो देवी, सरदार बाबा बूटा सिंह व डीएन त्यागी को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त जयभगवान शर्मा, बलकार सिंह, तेजपाल गर्ग, सुरेश शर्मा, निहाल सिंह मताना, दलबीर वाल्मीकि व राजबाला धानक को कमेटी का विशेष आमंत्रित सदस्य मनोनीत किया गया है।
चहेतों को फायदा दे रहे सीएम: बिश्नोई
हजकां अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने चहेतों को आर्थिक लाभ देने के लिए राज्य की परिवहन सेवा का भी निजीकरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले पहले भी प्रदेश भर के 900 रूटों के परमिट निजी बस संचालकों को जारी किए गए थे। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि अब राज्य सरकार 2700 और रूटों का भी निजीकरण करना चाहती है। ऐसा करने से एक तो प्रदेश के खजाने में राजस्व का घाटा होगा और वहीं दूसरी ओर प्रदेशवासियों को परिवहन सेवाओं की बदहाली झेलनी पड़ेगी।
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