एनबीटी न्यूज॥ कुरुक्षेत्र : हरियाणा में मध्यावधि चुनाव होने तय हैं क्योंकि हरियाणा जनहित कांग्रेस से कांग्रेस में शामिल हुए पांचों विधायकांे व सात निर्दलीय विधायकांे की सदस्यता दलबदल कानून के तहत समाप्त होकर रहेगी। यह दावा एचजेसी सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोईर् ने यमुनानगर समेंत कई जगह पत्रकारों को संबोधित करते हुए किया है।
बिश्नोई ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा चाहे स्पीकर बदल दें या ओर कोई हथकंडा अपना लें लेकिन कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों का जाना तय है। हाईकोर्ट का स्पीकर को चार माह में फैसला सुनाने का निर्देश ऐतिहासिक है क्योंकि आज तक किसी भी न्यायालय ने ऐसे मामलों में समयबद्ध निर्देश नहीं जारी किए हैं। 12 विधायकों के निष्कासित होने के बाद निश्चित तौर पर राज्य में मध्यावधि चुनाव होंगे। राज्य में इस समय कांग्रेस का विकल्प एचजेसी ही है और आमलोग पार्टी से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्हांेने कहा कि पिछले छह सालों में कांग्रेस सरकार ने जहां क्षेत्रवाद को बढ़ावा दिया वहीं विकास के नाम पर एक ईंट नहीं लगाई। इससे लोगांे का कांग्रेस से मोहभंग हो गया है। पढे़-लिखे वोटरों की तादाद बढ़ रही है और उनका झुकाव एचजेसी की तरफ ही है।
बिश्नोई ने कहा कि राज्य की भूमि अधिग्रहण नीति का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। किसानों की जमीन पहले धारा 4 और फिर 6 लगाकर अधिग्रहण की जाती है और फिर बिल्डर्स को बेच दी जाती है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि राज्य की भूमि अधिग्रहण नीति पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है लेकिन ये यह झूठ का पुलिंदा है क्योंकि जहां भी भूमि अधिग्रहण होता है वहां के लोगों को दूसरे स्थान पर जगह देकर बसाया जाता है और बाजार की कीमत पर जमीन के भाव दिए जाते है लेकिन राज्य में ऐसा नहीं किया जा रहा है। एचजेसी सुप्रीमो बोले, मुख्यमंत्री का यह कहना दुर्भाग्यपूर्ण है कि भूमि अधिग्रहण नीति का विरोध करने वाले प्रॉपर्टी डीलर हैं। आरोप लगाया कि राज्य में सबसे बड़े प्रॉपर्टी डीलर मुख्यमंत्री ही हैं जो पिछले छह साल से जमीन बेचने में लगे हुए हैं। भूमि अधिग्रहण का विरोध करने वाले किसान खुदकुशी कर रहे हैं। हार्टअटैक से उनकी मौत हो रही है लेकिन सरकार उनको प्रॉपर्टी डीलर बता रही है। बिश्नोई ने चेतावनी दी कि अगर आगामी बजट में हाउस टैक्स का प्रावधान किया गया तो इसका डटकर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, देवीलाल बिश्नोेई भी मौजूद थे।
बिश्नोई ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा चाहे स्पीकर बदल दें या ओर कोई हथकंडा अपना लें लेकिन कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों का जाना तय है। हाईकोर्ट का स्पीकर को चार माह में फैसला सुनाने का निर्देश ऐतिहासिक है क्योंकि आज तक किसी भी न्यायालय ने ऐसे मामलों में समयबद्ध निर्देश नहीं जारी किए हैं। 12 विधायकों के निष्कासित होने के बाद निश्चित तौर पर राज्य में मध्यावधि चुनाव होंगे। राज्य में इस समय कांग्रेस का विकल्प एचजेसी ही है और आमलोग पार्टी से उम्मीद लगाए बैठे हैं।
उन्हांेने कहा कि पिछले छह सालों में कांग्रेस सरकार ने जहां क्षेत्रवाद को बढ़ावा दिया वहीं विकास के नाम पर एक ईंट नहीं लगाई। इससे लोगांे का कांग्रेस से मोहभंग हो गया है। पढे़-लिखे वोटरों की तादाद बढ़ रही है और उनका झुकाव एचजेसी की तरफ ही है।
बिश्नोई ने कहा कि राज्य की भूमि अधिग्रहण नीति का सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। किसानों की जमीन पहले धारा 4 और फिर 6 लगाकर अधिग्रहण की जाती है और फिर बिल्डर्स को बेच दी जाती है। मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि राज्य की भूमि अधिग्रहण नीति पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है लेकिन ये यह झूठ का पुलिंदा है क्योंकि जहां भी भूमि अधिग्रहण होता है वहां के लोगों को दूसरे स्थान पर जगह देकर बसाया जाता है और बाजार की कीमत पर जमीन के भाव दिए जाते है लेकिन राज्य में ऐसा नहीं किया जा रहा है। एचजेसी सुप्रीमो बोले, मुख्यमंत्री का यह कहना दुर्भाग्यपूर्ण है कि भूमि अधिग्रहण नीति का विरोध करने वाले प्रॉपर्टी डीलर हैं। आरोप लगाया कि राज्य में सबसे बड़े प्रॉपर्टी डीलर मुख्यमंत्री ही हैं जो पिछले छह साल से जमीन बेचने में लगे हुए हैं। भूमि अधिग्रहण का विरोध करने वाले किसान खुदकुशी कर रहे हैं। हार्टअटैक से उनकी मौत हो रही है लेकिन सरकार उनको प्रॉपर्टी डीलर बता रही है। बिश्नोई ने चेतावनी दी कि अगर आगामी बजट में हाउस टैक्स का प्रावधान किया गया तो इसका डटकर विरोध किया जाएगा। इस मौके पर पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, देवीलाल बिश्नोेई भी मौजूद थे।
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