शहजादपुर-नारायणगढ़। हरियाणा जनहित कांग्रेस के मुखिया कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि वर्तमान सरकार से प्रत्येक वर्ग दु:खी है, प्रदेश में आज नाममात्र की सरकार है। सरकार की आंखें खोलने के लिए ही हजकां ने जनहित यात्रा शुरू की है। यह यात्रा सरकार की रातों की नींद उड़ा देगी। बिश्नोई ने यात्रा के दौरान गांव बड़ागढ़ में यह बात कही।
वे स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर कार्यकर्ताओं के साथ जगह—जगह लोगों का अभिवादन स्वीकारते चल रहे थे। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में 5 मुख्य मुददे हैं जिनको लेकर हजकां संघर्ष कर रही है। प्रथम, आज आम व्यक्ति की कोई सुनवाई नहीं है। केवल रोहतक एवं किलोई का विकास हो रहा है। हजकां इस भेदभाव को दूर करेगी।
दूसरा, हजकां चाहती है कि उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण न हो। तीसरा, भ्रष्टाचार एवं मंहगाई का मुद्दा है। आम व्यक्ति का राजनेता से विश्वास उठता जा रहा है। इसके अलावा एसवाईएल, चंडीगढ़ के मुद्दे ऐसे हैं जिनको लेकर सरकार ने लोगों को लंबे अरसे से गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि हजकां का मकसद अपने बलबूते पर आगे बढ़ने का है।
जनता ने पिछले विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में हजकां का भरपूर साथ दिया था। जनहित यात्रा के बाद प्रदेश की व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा। इस दौरान पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, राकेश भडाना, दलबीर वाल्मिकी, अशोक बरतीया, अम्बाला जिला अध्यक्ष भूम सिंह राणा, नरेश राणा बड़ागढ़, संजीव शर्मा, राजकुमार बडागढ़ ,रमेश शर्मा उपस्थित थे।
वहीं नारायणगढ़ में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के सभी प्रलोभन त्यागकर जनता के हित के लिए लड़ने का निर्णय लिया था। सब्जी मंडी में जनसभा को संबोधित करते हुए बिश्नोई बोले कि हजकां छोड़ने वाले पांच विधायक सिर्फ पांच दिन और इंतजार करते तो हरियाणा की तस्वीर कुछ और होती क्योंकि हमारा मकसद सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि जनता की लड़ाई लड़ना है।
सत्ता हासिल करने का मकसद होता तो छह साल पहले ही भजन लाल को राज्यपाल के पद व मुझे केंद्र में मंत्री बनने की ऑफर थी।
वे स्वयं ट्रैक्टर पर सवार होकर कार्यकर्ताओं के साथ जगह—जगह लोगों का अभिवादन स्वीकारते चल रहे थे। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में 5 मुख्य मुददे हैं जिनको लेकर हजकां संघर्ष कर रही है। प्रथम, आज आम व्यक्ति की कोई सुनवाई नहीं है। केवल रोहतक एवं किलोई का विकास हो रहा है। हजकां इस भेदभाव को दूर करेगी।
दूसरा, हजकां चाहती है कि उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण न हो। तीसरा, भ्रष्टाचार एवं मंहगाई का मुद्दा है। आम व्यक्ति का राजनेता से विश्वास उठता जा रहा है। इसके अलावा एसवाईएल, चंडीगढ़ के मुद्दे ऐसे हैं जिनको लेकर सरकार ने लोगों को लंबे अरसे से गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि हजकां का मकसद अपने बलबूते पर आगे बढ़ने का है।
जनता ने पिछले विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में हजकां का भरपूर साथ दिया था। जनहित यात्रा के बाद प्रदेश की व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आएगा। इस दौरान पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक, राकेश भडाना, दलबीर वाल्मिकी, अशोक बरतीया, अम्बाला जिला अध्यक्ष भूम सिंह राणा, नरेश राणा बड़ागढ़, संजीव शर्मा, राजकुमार बडागढ़ ,रमेश शर्मा उपस्थित थे।
वहीं नारायणगढ़ में कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के सभी प्रलोभन त्यागकर जनता के हित के लिए लड़ने का निर्णय लिया था। सब्जी मंडी में जनसभा को संबोधित करते हुए बिश्नोई बोले कि हजकां छोड़ने वाले पांच विधायक सिर्फ पांच दिन और इंतजार करते तो हरियाणा की तस्वीर कुछ और होती क्योंकि हमारा मकसद सत्ता हासिल करना नहीं बल्कि जनता की लड़ाई लड़ना है।
सत्ता हासिल करने का मकसद होता तो छह साल पहले ही भजन लाल को राज्यपाल के पद व मुझे केंद्र में मंत्री बनने की ऑफर थी।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें