07 मार्च, 2010

कार्यकर्ताओं पर फूटा पुलिस का गुस्सा

भास्कर न्यूज

चंडीगढ़. पिछले साल किसान रैली में मुंह की खा चुकी चंडीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) कार्यकर्ताओं पर जमकर लाठियां बरसाईं।
लाठीचार्ज के वक्त इसका ख्याल भी नहीं रखा गया कि लाठी सिर पर लग रही है या शरीर के किसी अन्य हिस्से पर। पुलिस ने खड़ी गाड़ियों पर भी गुस्सा उतारा। इसमें कुलदीप बिश्नोई के हाथ और सिर पर चोट आई है। हजकां के 32 समर्थक जबकि पुलिस के 34 कर्मचारी घायल हुए हैं। पुलिस की नाराजगी की वजह थी कार्यकर्ताओं का उपद्रव और पथराव।
हजकां की रैली को लेकर पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए थे। सुबह 7 बजे से ही सेक्टर-25डी/38ए के छोटे चौक से पंजाब यूनिवर्सिटी के गेट नंबर-3 तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात थी। हरियाणा से भी पुलिस बुलाई गई थी। महंगाई और हजकां के पांच विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर हजकां प्रदर्शन करने वाली थी। सुबह से हरियाणा के विभिन्न हल्कों से कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगने लगा था।
दोपहर 1 बजे तक करीब 2500 कार्यकर्ता सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड मे पहुंच चुके थे। कुलदीप बिश्नोई समर्थकों के साथ हरियाणा विधानसभा की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इतने में भीड़ से पथराव शुरू हो गया।
पुलिस ने पानी की बौछार की, आंसू गैस के गोले छोड़ पथराव रोकने की कोशिश की, हवाई फायर भी किया। हालात काबू न आए तो करीब 2 बजे एसडीएम पीएस शेरगिल ने लाठीचार्ज के आदेश दे दिए। पुलिस ने अधिकतर कार्यकर्ताओं के सिर पर वार किया। कार्यकर्ता डरकर पीछे हट रहे थे, लेकिन पुलिस की लाठियां बरसती रहीं।

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