नई दिल्ली. प्रदेश में 16 दिन की जनहित यात्रा के बाद हजकां संरक्षक भजनलाल व पार्टी सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा की हुड्डा सरकार की बर्खास्तगी की मांग को लेकर बुधवार को जंतर-मंतर पर क्रमिक अनशन करके राष्ट्रपति के नाम पांच सूत्री ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में राज्य की स्थिति को नियंत्रण से बाहर करार देते हुए वहां तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की मांग की गई है। इससे पहले कुलदीप व भजनलाल बुधवार सुबह दस बजे पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, रामजीलाल, जंगबीर सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. धर्मबीर यादव, पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़, सूबे सिंह पूनिया व मूलाराम, युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश भडाना, संजय गौतम, मंगतराम लालवास जैसे नेताओं के अलावा सभी जिलाध्यक्षों व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पंहुचे।
वहां करीब पौने दो बजे तक चले क्रमिक अनशन में सभी ने एक स्वर में राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की जमीन का सस्ते दामों पर अधिग्रहण करके बड़े बिल्डरों व उद्योगपतियों को जमीनें आवंटित की जा रही हैं। यह देश में सदी का सबसे बड़ा घोटाला है।
उन्होंने जबरन अधिग्रहण रोकने, जमीनों के लिए बाजार भाव का भुगतान, रोजगार एवं विकास के समान अवसर मुहैया कराने की तत्काल मांग की है। एसवाईएल का पानी तत्काल दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो की मदद करने, कर्मचारियों एवं व्यापारियों की मांगंे पूरी करने और महंगाई व भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
ज्ञापन में राज्य की स्थिति को नियंत्रण से बाहर करार देते हुए वहां तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की मांग की गई है। इससे पहले कुलदीप व भजनलाल बुधवार सुबह दस बजे पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, रामजीलाल, जंगबीर सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. धर्मबीर यादव, पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़, सूबे सिंह पूनिया व मूलाराम, युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश भडाना, संजय गौतम, मंगतराम लालवास जैसे नेताओं के अलावा सभी जिलाध्यक्षों व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जंतर-मंतर पंहुचे।
वहां करीब पौने दो बजे तक चले क्रमिक अनशन में सभी ने एक स्वर में राज्य सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों की जमीन का सस्ते दामों पर अधिग्रहण करके बड़े बिल्डरों व उद्योगपतियों को जमीनें आवंटित की जा रही हैं। यह देश में सदी का सबसे बड़ा घोटाला है।
उन्होंने जबरन अधिग्रहण रोकने, जमीनों के लिए बाजार भाव का भुगतान, रोजगार एवं विकास के समान अवसर मुहैया कराने की तत्काल मांग की है। एसवाईएल का पानी तत्काल दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो की मदद करने, कर्मचारियों एवं व्यापारियों की मांगंे पूरी करने और महंगाई व भ्रष्टाचार पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
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