हिसार. जनहित यात्रा का मकसद किसी से वोट मांगना नहीं है, बल्कि ये तो राजनीति के मायने बदलने के लिए पहुंची है। यह बात हजकां सुप्रीमो कुलदीप बिश्नोई ने जनहित यात्रा के हिसार पहुंचने पर नागोरी गेट पर कार्यकर्ताओं से कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और इनेलो अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला आए दिन एक दूसरे के खिलाफ बयान देकर लोगों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। लोग जानते है कि बयानबाजी से उनका भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि चौटाला के शासनकाल में तत्कालीन कांग्रेस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी के आरोप लगाकर चार्जशीट तैयार की थी। मगर उस पर आजतक कोई कदम नहीं उठाए गए।
हजकां जनता के दुख-तकलीफों को भली-भांति जानती है। जनहित यात्रा गुरुवार को आदमपुर से चलकर बालसमंद और आर्यनगर होते हुए हिसार पहुंची। नागोरी गेट पर रामनिवास राडा ने बिश्नोई का मुकट पहना स्वागत किया।
यात्रा में पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, पंडित रामजीलाल, पूर्व विधायक अमीर चंद मक्कड़, सूबे सिंह, देवीलाल बिश्नोई, संजय गौतम, जिलाध्यक्ष रणधीर पनिहार, सत्यनारायण गुर्जर, किशनलाल, गुलजार काहलो, सुशील कौशिक सहित अनेक नेता मौजूद थे। इससे पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलदीप ने कहा कि मेरा मुकाबला किसी विधायक से नहीं स्वयं मुख्यमंत्री से है। वह इस्तीफा देकर प्रदेश में कहीं से भी उनके साथ चुनाव लड़कर देख लें।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और इनेलो अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला आए दिन एक दूसरे के खिलाफ बयान देकर लोगों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। लोग जानते है कि बयानबाजी से उनका भला नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि चौटाला के शासनकाल में तत्कालीन कांग्रेस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी के आरोप लगाकर चार्जशीट तैयार की थी। मगर उस पर आजतक कोई कदम नहीं उठाए गए।
हजकां जनता के दुख-तकलीफों को भली-भांति जानती है। जनहित यात्रा गुरुवार को आदमपुर से चलकर बालसमंद और आर्यनगर होते हुए हिसार पहुंची। नागोरी गेट पर रामनिवास राडा ने बिश्नोई का मुकट पहना स्वागत किया।
यात्रा में पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, पंडित रामजीलाल, पूर्व विधायक अमीर चंद मक्कड़, सूबे सिंह, देवीलाल बिश्नोई, संजय गौतम, जिलाध्यक्ष रणधीर पनिहार, सत्यनारायण गुर्जर, किशनलाल, गुलजार काहलो, सुशील कौशिक सहित अनेक नेता मौजूद थे। इससे पहले पत्रकारों को संबोधित करते हुए कुलदीप ने कहा कि मेरा मुकाबला किसी विधायक से नहीं स्वयं मुख्यमंत्री से है। वह इस्तीफा देकर प्रदेश में कहीं से भी उनके साथ चुनाव लड़कर देख लें।
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