07 मार्च, 2010

गाड़ियां तोड़ने का हर्जाना पुलिस से लेगी हजकां

भास्कर न्यूज
चंडीगढ़. हरियाणा जनहित कांग्रेस ने चंडीगढ़ में रोष प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज और पार्किग में खड़ी गाड़ियों को तोड़ने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस को अदालत में खींचने का फैसला किया है।
हजकां प्रमुख कुलदीप बिश्नोई का कहना है कि वह तोड़ी गई गाड़ियों के लिए चंडीगढ़ पुलिस से मुआवजा लेंगे। दिल्ली से भास्कर से बातचीत में बिश्नोई ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस का रवैया बर्बरता पूर्ण और अमानवीय रहा। उसने कानूनी सीमाएं तोड़ते हुए कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा। उन्होंने कहा कि अगर चंडीगढ़ पुलिस का तर्क है कि हजकां कार्यकर्ता पुलिस बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे तो वह बताए कि तयशुदा पार्किग स्थल पर खड़ी गाड़ियों को क्यों तोड़ा गया। क्या खड़ी गाड़ियां भी बैरियर तोड़ रही थी।
उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में कानूनी राय ले रहे हैं और घटना से संबंधित सभी तरह के फोटो और वीडियो फुटेज जमा कर रहे हैं ताकि इन्हें अदालत में पेश किया जा सके। वह गाड़ियों के नुकसान की भरपाई पुलिस अधिकारियों के वेतन से दिए जाने की मांग करेंगे। वह यह मामला भी अदालत में उठाएंगे कि शांतिपूवर्क प्रदर्शन करने आए हजकां कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने के लिए हरियाणा पुलिस की तैनाती क्यों और किसके कहने पर की गई। बिश्नोई ने बताया कि वह पार्टी के पदाधिकारियों के साथ आठ मार्च को हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया से मिलेंगे और ज्ञापन देंगे।

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