हांसी, संवाद सहयोगी : हरियाणा जनहित काग्रेस के अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि लोगों के विश्वास की बोली लगाने वाले पाचों विधायकों को हर हाल में जनता के दरबार में लाया जाएगा। इसके बाद जनता ही सही और गलत का फैसला करेगी। कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मैंने न कभी जनता के विश्वास की बोली लगाई और न ही कभी लगाउगा। न ही कभी जनविरोधी सरकार के आगे झुका और न ही आगे कभी झुकुंगा।
हजका अध्यक्ष वीरवार को हासी हलके के तीन दिवसीय जनसंपर्क अभियान के पहले दिन गाव हाजमपुर, ढाणी साकरी, मोरपुरा, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी ठाकरिया, ढाणी गुजरान, पुट्ठी मंगलखा, ढाणी चदरपुर, खेड़ी गगन, ढाणी शोभा, कुंदनापुर, रीछपुरा, ढाणी पीरवाली, ढाणी कुम्हारान व ढाणा खुर्द में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बीते लोकसभा व विधानसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया। विभिन्न गावों में पहुचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ो, फूल-मालाओं व पगड़ियों के साथ सामूहिक अभिनंदन किया।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा घोषणा मंत्री बन कर रह गए है। हर रैली में कई करोड़ की नई घोषणाएं तो होती है किंतु उन्हे अमलीजामा नहीं पहनाया जाता। इन रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए हुड्डा लोक लुभावनी घोषणाएं करते है। उन्होंने कहा कि अब तक की गई घोषणाओं में से दस प्रतिशत पर भी अमल नहीं हुआ। प्रदेश हजारों करोड़ के कर्ज तले दबा हुआ है। ऐसे में नई घोषणाओं के पूरा होने की कोई संभावना नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष का काम लोगों की दुख-तकलीफों का निवारण करवाना व विकास कार्य करवाना होता है। अब भूपेंद्र हुड्डा जनसेवा का यह काम छोड़ कर रैलियों के नाम पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली-पानी, सड़क-परिवहन, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ही हाहाकार मचा हुआ है।
हजका अध्यक्ष ने कहा कि लोग हुड्डा व चौटाला की मिलीभगत से तंग आ चुके है इसलिए अब राजनैतिक बदलाव चाहते है। सही राजनैतिक बदलाव के रूप में वे हजका को सही विकल्प के रूप में देखते है। इसलिए आने वाला समय हजका का है और जल्द होने वाले विधानसभा उपचुनावो में पार्टी भारी सफलता प्राप्त करेगी। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़, जिला प्रधान रणधीर सिंह पनिहार, रवींद्र मक्कड़, हलका प्रधान रवींद्र बहार व राजपाल सिंघवा, कृष्ण एलावादी, संतोष ढुल, तेजबीर मलिक, हरिसिंह यादव, रमेश सोलंकी, देसराज सरपंच, रामधन गिरधर, मनोज जागड़ा, जगमेंद्र जागड़ा, रमेश ढाणी ठाकरिया, सत्यवान दुहन, राजबीर ढाडा, रामनिवास राड़ा, सुभाष टाक, गुलजार काहलों, अंगूरी सैनी आदि सहित भारी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
हजका अध्यक्ष वीरवार को हासी हलके के तीन दिवसीय जनसंपर्क अभियान के पहले दिन गाव हाजमपुर, ढाणी साकरी, मोरपुरा, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी ठाकरिया, ढाणी गुजरान, पुट्ठी मंगलखा, ढाणी चदरपुर, खेड़ी गगन, ढाणी शोभा, कुंदनापुर, रीछपुरा, ढाणी पीरवाली, ढाणी कुम्हारान व ढाणा खुर्द में जनसभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बीते लोकसभा व विधानसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए लोगों का धन्यवाद किया। विभिन्न गावों में पहुचने पर ग्रामीणों ने ढोल नगाड़ो, फूल-मालाओं व पगड़ियों के साथ सामूहिक अभिनंदन किया।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा घोषणा मंत्री बन कर रह गए है। हर रैली में कई करोड़ की नई घोषणाएं तो होती है किंतु उन्हे अमलीजामा नहीं पहनाया जाता। इन रैलियों में भीड़ जुटाने के लिए हुड्डा लोक लुभावनी घोषणाएं करते है। उन्होंने कहा कि अब तक की गई घोषणाओं में से दस प्रतिशत पर भी अमल नहीं हुआ। प्रदेश हजारों करोड़ के कर्ज तले दबा हुआ है। ऐसे में नई घोषणाओं के पूरा होने की कोई संभावना नहीं रह जाती। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष का काम लोगों की दुख-तकलीफों का निवारण करवाना व विकास कार्य करवाना होता है। अब भूपेंद्र हुड्डा जनसेवा का यह काम छोड़ कर रैलियों के नाम पर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली-पानी, सड़क-परिवहन, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर ही हाहाकार मचा हुआ है।
हजका अध्यक्ष ने कहा कि लोग हुड्डा व चौटाला की मिलीभगत से तंग आ चुके है इसलिए अब राजनैतिक बदलाव चाहते है। सही राजनैतिक बदलाव के रूप में वे हजका को सही विकल्प के रूप में देखते है। इसलिए आने वाला समय हजका का है और जल्द होने वाले विधानसभा उपचुनावो में पार्टी भारी सफलता प्राप्त करेगी। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़, जिला प्रधान रणधीर सिंह पनिहार, रवींद्र मक्कड़, हलका प्रधान रवींद्र बहार व राजपाल सिंघवा, कृष्ण एलावादी, संतोष ढुल, तेजबीर मलिक, हरिसिंह यादव, रमेश सोलंकी, देसराज सरपंच, रामधन गिरधर, मनोज जागड़ा, जगमेंद्र जागड़ा, रमेश ढाणी ठाकरिया, सत्यवान दुहन, राजबीर ढाडा, रामनिवास राड़ा, सुभाष टाक, गुलजार काहलों, अंगूरी सैनी आदि सहित भारी संख्या में पार्टी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
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